Yamuna Chhath in Hindi | Yamuna Jayanti | Festival | Yamuna River | Mathura | Vrindavan | Braj | Yamuna Chhath’s Rituals | Yamuna Chhath festival dates | Significance of Yamuna Chhath
Yamuna Chhath in Hindi : यमुना छठ का पर्व मुख्य रूप से मथुरा / Mathura में मनाया जाता है। यह पर्व उस दिन का प्रतीक है जब देवी यमुना पृथ्वी पर उतरी, इसलिए यह दिन यमुना जयंती या देवी यमुना के जन्मदिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह चैत्र माह में शुक्ल पक्ष षष्ठी के दिन मनाया जाता है तथा यह चैत्र नवरात्रि के दौरान आता है।
देवी यमुना को भगवान श्री कृष्ण की पत्नी होने के नाते, ब्रज के लोगों द्वारा भी पूजा जाता है। यमुना छठ का यह त्यौहार मुख्य रूप से मथुरा और वृंदावन के लोगों द्वारा मनाया जाता है।
यमुना छठ जिसे ‘यमुना जयंती’ भी कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है जो देवी यमुना को समर्पित है। यह त्योहार मथुरा और वृंदावन शहर में मबहुत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यमुना छठ का शुभ दिन देवी यमुना के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है। अंग्रेजी कैलेंडर में, यह फरवरी-मार्च माह के दौरान आता है।
उत्तर भारत में यमुना नदी, गंगा नदी की सबसे बड़ी उपनदी है। यह नदी उत्तराखंड राज्य में, हिमालय के बैंदरपूच चोटियों के दक्षिण-पश्चिमी ढलानों पर स्थित यमुनोत्री ग्लेशियरों से निकली है। यमुना नदी इलाहाबाद में त्रिवेणी संगम में पवित्र गंगा नदी के साथ मिलकर लगभग 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह स्थान विश्वप्रसिद्ध ‘कुंभ मेला’ के लिए चुना गया स्थल है, जिसे हर बारह वर्ष में आयोजित किया जाता है। यमुना छठ का त्योहार उत्तर भारतीय राज्यों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश राज्य में मनाया जाता है। यह पुरुषों और महिलाओं द्वारा सामान रूप से अपार भक्ति के साथ मनाया जाता है। लोग इस दिन देवी यमुना की पूजा करते हैं और अपने जीवन में खुशी और समृद्धि की कामना करते हैं।
यमुना छथ के दौरान आयोजित किये जाने वाले अनुष्ठान | Yamuna Chhath’s Rituals :
- यमुना छथ के शुभ दिन पर, भक्त भोर से पहले उठकर सूर्योदय और सूर्यास्त के दौरान यमुना नदी में आध्यात्मिक स्नान लेते हैं। यह माना जाता है कि इस दिन यमुना नदी में स्नान करने पर भक्त अपनी आत्मा को शुद्ध कर सकते हैं और अनन्त आनंद और प्रेम प्राप्त कर सकते हैं। घाटों को इस अवसर के लिए साफ किया जाता है।
- खगोलीय गणनाओं पर आधारित विशिष्ट मुहूर्त पर इस दिन देवी यमुना को विशेष पूजा की जाती है। चूंकि देवी यमुना को श्री कृष्ण के साथी के रूप में जाना जाता है, भक्त इस दिन भगवान कृष्ण की भी पूजा करते हैं।
- भक्त यमुना छठ के दिन कठोर उपवास रखते हैं। वे 24 घंटे की अवधि के लिए कुछ भी नहीं खाते-पीते हैं। यह व्रत अगले दिन सुबह पूजा अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद तोड़ा जाता है।
- देवी को अर्पण करने के लिए ‘नैवेद्यम’ नाम से जाना जाने वाला विशेष भोजन प्रसाद तैयार किया जाता है। पूजा खत्म करने के बाद, भोजन को ब्राह्मणों को दान दिया जाता है और प्रसाद मित्रों और रिश्तेदारों के बीच वितरित किया जाता है।
Yamuna Chhath festival dates between 2025 & 2030
2025 :- | April 3, 2025, Thursday |
2026 :- | March 24, 2026, Tuesday |
2027 :- | April 12, 2027, Monday |
2028:- | April 1, 2028, Saturday |
2029 :- | April 20, 2029, Friday |
2030 :- | April 9, 2030, Tuesday |
यमुना छठ का महत्व | Significance of Yamuna Chhath:
हिंदू पौराणिक कथाओं में, देवी यमुना को भगवान कृष्ण की पत्नी कहा गया है। इस कारण से वह ब्रज और मथुरा के लोगों द्वारा अत्यधिक सम्मानित है, इसलिए यह पर्व वृंदावन और मथुरा के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यमुना नदी को गंगा, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र और सरस्वती के समान एक पवित्र नदी माना जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माना जाता है कि यमुना नदी पृथ्वी पर चैत्र माह के ‘षष्ठी’ के दिन अवतरित हुई। तब से हर दिन यमुना जयंती के रूप में मनाया जाता है।