कुलदेवी से हमारे सम्बन्ध कैसे हों ? – मथुरा प्रसाद भार्गव
तपती धूप में एक पहाड़ी के नीचे छोटा सा एक पेड़। पेड़ के नीचे दो डालों से बंधा एक कपड़े का झूला और झूले में एक सोता हुआ शिशु। माँ कुछ दूर पहाड़ी पर पत्थरों को तोड़ गिट्टी बनाने के काम में लगी थी। कुछ उसकी आत्मा झोले में रहे बालक में ही लगी … Read more कुलदेवी से हमारे सम्बन्ध कैसे हों ? – मथुरा प्रसाद भार्गव